To mark Hindi Diwas 2022, we bring you the 14 best pieces of Hindi literature for children. 1. मैथिलीशरण गुप्त – माँ, कह एक कहानी…
Read More Hindi Diwas: 14 Best Hindi Literature Pieces for ChildrenCategory: Languages
German Conversations
Lesson by Anjas Kaur English: Do you play any sport?German: Spielst du Sport?AnswerEnglish: Yes, I play a sport.German: Ja, ich spiele einen Sport. Question:English: Which…
Read More German ConversationsSanskrit Greetings for Vinayak Chaturthi
शुभा विनायकचतुर्थी मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकंकलाधरावतंसकं विलासलोकरक्षकम् |अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकंनताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम् || (I salute God Vinayaka/Ganesh) The one who joyfully holds sweet modaka in his…
Read More Sanskrit Greetings for Vinayak Chaturthiनमक: हिन्दी कविता Hindi Poem: Namak
एक दिन नमक ने ठानीनहीं चलेगी तानाशाही पानी मेरा हर लेते हैंवे मुझको सब छल लेते हैं सूर्यदेव को लगायी गुहारउन्होंने भी सुनी पुकार “जब…
Read More नमक: हिन्दी कविता Hindi Poem: NamakBaal Kavita: Main Kaun Hoon?
गुड़िया मेरी बड़ी सयानी ऐसा कहती मेरी नानी पर अम्मा कहती हूँ मैं बुद्धू ढीठ, बिगड़ैल, यकदम अकड़ू बाबा मुझको सीधी कहते दादा मुझको मीठी…
Read More Baal Kavita: Main Kaun Hoon?माँ /Maa
Poem by Madhav Taneja मां एक है पर पूरी कायनात को अपने भीतर समा लेती है, सारे संसार की खुशियां मां अपने बच्चों के लिए…
Read More माँ /MaaOh, That Dream!
By Yajur Rao I went to the sea With my pet bee whose name was Lee. There I drank a chocolate shake And also baked…
Read More Oh, That Dream!आइए मिलें – बालकनामा से! Interview with Balaknama
देहरादून में एक Residential Workshop हुआ था. पर इस Residential Workshop मे क्या खास है? यह Residential Workshop था सड़क पर रहने वाले बच्चों के…
Read More आइए मिलें – बालकनामा से! Interview with BalaknamaSanskrit Sukti on being prudent
ऋणशेषं चाग्निशेषं शत्रुशेषं तथैव च व्याधिशेषं च नि: शेषं कृत्वा प्राज्ञो न सीदति अर्थ ऋण (कर्ज़), अग्नि , शत्रु, और व्याधि (बीमारी) को शेष न…
Read More Sanskrit Sukti on being prudentSanskrit Sukti on self-respect
मनस्विनो न मन्यन्ते परत: प्राप्य जीवनम् बलिभुग्भ्यो न काकेभ्य: स्पृहयन्ति हि कोकिला: मनस्वी लोग नहीं मानते, किसी और से पाया हुआ जीवन बलि पर जीने…
Read More Sanskrit Sukti on self-respect